Labour Codes 2025 Update: 2025 का साल भारतीय कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए ऐतिहासिक होने वाला है। चार नए श्रम संहिता (Labour Codes) — वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशा संहिता 2020 — अब लगभग सभी राज्यों में नियमों के साथ पूरी तरह लागू होने की कगार पर हैं। कई राज्य पहले ही 1 जनवरी 2025 से नियम लागू कर चुके हैं, जबकि बाकी ज्यादातर राज्य 1 जुलाई 2025 से इन्हें अनिवार्य करने जा रहे हैं।

यहाँ हम आपको वो 10 सबसे जरूरी बदलाव बता रहे हैं जो आपकी सैलरी स्लिप, PF, ग्रेच्युटी, छुट्टियाँ, ओवरटाइम और
नौकरी की सुरक्षा को सीधे प्रभावित करेंगे।
Labour Codes 2025 Update: नियोक्ताओं और कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा?
1. टेक-होम सैलरी में भारी कटौती!
नए वेतन संहिता के अनुसार बेसिक सैलरी + महंगाई भत्ता कुल CTC का कम से कम 50% होना अनिवार्य है। अभी
ज्यादातर कंपनियाँ बेसिक को 20-30% ही रखती हैं और बाकी HRA, स्पेशल अलाउंस आदि में डाल देती हैं। →
नतीजा: PF कंट्रीब्यूशन, ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट बेसिक पर आधारित होने से बढ़ जाएगा, लेकिन टेक-होम सैलरी
10-25% तक कम हो सकती है।
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2. ग्रेच्युटी अब सिर्फ 5 साल में मिलेगी
पहले 5 साल से कम सर्विस पर ग्रेच्युटी नहीं मिलती थी। अब फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयी (FTC) को भी प्रो-राटा ग्रेच्युटी
मिलेगी, भले ही कॉन्ट्रैक्ट 1 साल का ही क्यों न हो। कंपनियों पर बड़ा बोझ बढ़ेगा।
3. हर साल 240 दिन काम करने पर परमानेंट कर्मचारी का दर्जा
अब कोई भी कर्मचारी जो पिछले 12 महीनों में 240 दिन या उससे ज्यादा काम कर चुका है, उसे परमानेंट माना
जाएगा। कॉन्ट्रैक्ट वर्कर को हटाना पहले जितना आसान नहीं रहेगा।
4. ओवरटाइम दोगुना हो जाएगा
डेली वर्किंग आवर्स 9 घंटे से ज्यादा नहीं हो सकते। अगर कंपनी 12 घंटे काम करवाती है तो 3 घंटे का दोगुना
ओवरटाइम देना पड़ेगा। साथ ही वीकली 48 घंटे से ज्यादा काम करवाने पर भी दोगुना भुगतान अनिवार्य।
5. महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने की पूरी छूट
अब महिलाएँ किसी भी समय (रात में भी) अपनी सहमति से काम कर सकती हैं, बशर्ते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों।
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6. हर कर्मचारी को मिलेगा यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN 2.0)
सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के तहत हर कर्मचारी (चाहे अनऑर्गनाइज़्ड सेक्टर का हो) को एक यूनिवर्सल
अकाउंट नंबर मिलेगा। इससे गिग वर्कर्स, घरेलू कामगार, ड्राइवर, प्लंबर आदि को भी PF, पेंशन और बीमा का
लाभ मिलेगा।
7. साल में सिर्फ 3 छुट्टियाँ ही ले सकेंगे बिना सूचना के
अगर कर्मचारी बिना सूचना के लगातार 3 दिन से ज्यादा अनुपस्थित रहता है तो उसे “स्वैच्छिक त्याग”
(deemed resignation) मान लिया जाएगा। पहले यह नियम 7-10 दिन का होता था।
8. रिटrenchment/छंटनी के नियम सख्त
100 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनी अब 300 से कम कर्मचारियों के लिए भी सरकार से अनुमति लेनी पड़ेगी
अगर छंटनी करनी हो (पहले सिर्फ 100+ के लिए था)। कई राज्यों ने यह सीमा 300 कर दी है।
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9. मुफ्त सालाना हेल्थ चेकअप अनिवार्य
500+ कर्मचारियों वाली कंपनियों को हर कर्मचारी का साल में एक बार मुफ्त हेल्थ चेकअप कराना होगा। 10+
कर्मचारियों वाली फैक्ट्री में भी यह नियम लागू।
10. वर्क फ्रॉम होम को मान्यता
अब वर्क फ्रॉम होम को आधिकारिक तौर पर मान्यता मिल गई है। इसके लिए अलग से पॉलिसी बनानी होगी और
ओवरटाइम, इंटरनेट रीइंबर्समेंट आदि के नियम भी लागू होंगे।
निष्कर्ष
श्रम संहिता 2025 कर्मचारियों के हक में सबसे बड़ा सुधार है, लेकिन शुरुआती 1-2 साल में सैलरी में कमी और
कंपनियों पर बढ़ता बोझ दिखेगा। लंबे समय में पारदर्शिता, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल की गरिमा बढ़ेगी।
कर्मचारियों को अपनी नई सैलरी स्ट्रक्चर जल्दी समझ लेनी चाहिए और नियोक्ताओं को अभी से कंप्लायंस तैयार
करना शुरू कर देना चाहिए।




