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Kesari Chapter 2 :अक्षय कुमार की बहुप्रतीक्षित फिल्म केसरी चैप्टर 2: जलियांवाला बाग हत्याकांड को सेंसर बोर्ड (CBFC) ने ‘A’ सर्टिफिकेट दिया है।

इसका कारण फिल्म में दिखाए गए कुछ बेहद भावुक, हिंसात्मक और ऐतिहासिक घटनाओं का यथार्थपूर्ण चित्रण है।
आइए जानते हैं वे प्रमुख सीन, जिन्होंने फिल्म को यह ‘A’ रेटिंग दिलाई:
जलियांवाला बाग हत्याकांड का ग्राफिक चित्रण
फिल्म में जलियांवाला बाग हत्याकांड को बहुत ही वास्तविक और दर्दनाक तरीके से दिखाया गया है।
इसमें ब्रिटिश सैनिकों द्वारा निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी और उनकी चीख-पुकार को बेहद
प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
दीवारें फांदने और कुएं में कूदने के दृश्य: लोग गोलियों से बचने के लिए दीवारें फांदते या कुएं में कूदते नजर आते हैं।
इन दृश्यों की तीव्रता और भावनात्मक गहराई दर्शकों को झकझोर सकती है।
खून और हिंसा का चित्रण: गोलीबारी के बाद बाग में पड़े शवों और खून से सने दृश्य भी फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट
दिलाने का एक बड़ा कारण हो सकते हैं।
कोर्टरूम ड्रामा के तीखे संवाद
फिल्म की कहानी का मुख्य भाग कोर्टरूम में होता है, जहां सी. शंकरन नायर (अक्षय कुमार) ब्रिटिश अधिकारियों से तीखे सवाल पूछते हैं।
ब्रिटिश अधिकारी से सवाल-जवाब: एक दृश्य में नायर पूछते हैं कि क्या गोली चलाने से पहले भीड़ को कोई चेतावनी
दी गई थी। इस प्रकार के संवाद ब्रिटिश साम्राज्य की क्रूरता को उजागर करते हैं और फिल्म की गहराई बढ़ाते हैं।
भावनात्मक गवाही: कोर्ट में पीड़ितों द्वारा दी गई गवाही, जिसमें उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को खोने का दर्द
साझा किया, दर्शकों पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।
हत्याकांड के बाद का दर्दनाक असर
फिल्म केवल हत्याकांड तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बाद भारतीय जनता पर पड़े प्रभाव को भी दिखाती है।
पीड़ितों का दर्द: हत्याकांड के बाद जीवित बचे लोगों की हालत, उनके परिवारों की दुर्दशा और उनके आंसुओं
को बेहद भावुक तरीके से पेश किया गया है। ये दृश्य बहुत मार्मिक हैं और वयस्क दर्शकों के लिए ही उपयुक्त
माने गए होंगे।
तीखे और साहसी संवाद
फिल्म में कई जगहों पर ऐसे संवाद हैं जो स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीयों की भावना और क्रोध को व्यक्त करते हैं।
हम गुलाम नहीं हैं : एक दृश्य में नायर ब्रिटिश अधिकारी द्वारा दिए गए “गुलाम” शब्द पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
इस तरह के साहसी संवाद फिल्म की गंभीरता बढ़ाते हैं।
ऐतिहासिक हिंसा का यथार्थ चित्रण
हालांकि यह एक युद्ध फिल्म नहीं है, लेकिन इसमें ब्रिटिश शासन द्वारा किए गए अत्याचारों को बिना किसी संकोच के
दिखाया गया है।
ब्रिटिश सैनिकों की क्रूरता: भारतीय जनता पर किए गए अत्याचारों और हिंसा के दृश्यों ने भी फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट दिलाने में योगदान दिया होगा।
निष्कर्ष
Kesari Chapter 2 एक ऐतिहासिक घटना पर आधारित फिल्म है, जो जलियांवाला बाग हत्याकांड जैसे संवेदनशील विषय
पर प्रकाश डालती है। इसके तीव्र भावनात्मक दृश्यों, हिंसा के यथार्थ चित्रण, और साहसी संवादों ने इसे वयस्क दर्शकों के
लिए उपयुक्त बना दिया है।
यह फिल्म 18 अप्रैल 2025 को रिलीज़ हो रही है और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की एक अनकही कहानी को बड़े पर्दे पर जीवंत करेगी।



















