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G RAM G Bill 2025: संसद के शीतकालीन सत्र में ग्रामीण रोजगार से जुड़ा विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल 2025 (संक्षेप में VB-G RAM G या जी राम जी बिल) बड़ा विवाद का केंद्र बन गया। 18 दिसंबर को लोकसभा और 19 दिसंबर की सुबह राज्यसभा से बिल पास होने के बाद विपक्षी दलों ने इसे मनरेगा का अपमान बताते हुए जोरदार विरोध दर्ज किया।

बिल पास होने के तुरंत बाद इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संविधान सदन के बाहर आधी रात से 12 घंटे का धरना शुरू कर
दिया, जो सुबह तक चला।
G RAM G Bill 2025: बिल पास होने का पूरा घटनाक्रम
बिल को ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पेश किया। लोकसभा में चर्चा के दौरान विपक्षी सांसदों ने सदन में
नारे लगाए, बिल की प्रतियां फाड़ीं और वॉकआउट किया। राज्यसभा में भी देर रात तक हंगामा चला, लेकिन ध्वनिमत से
बिल पास हो गया। अब यह राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए जाएगा।
सरकार का दावा है कि यह बिल मनरेगा की कमियों को दूर करेगा और विकसित भारत 2047 के विजन से जुड़ेगा। नए
प्रावधानों में ग्रामीण परिवारों को सालाना 125 दिन का अकुशल मजदूरी रोजगार गारंटी दी जाएगी (मनरेगा में 100 दिन थे)।
फोकस टिकाऊ संपत्ति निर्माण पर होगा – जैसे जल सुरक्षा, ग्रामीण इंफ्रा, आजीविका और जलवायु अनुकूल कार्य।
डिजिटल मॉनिटरिंग और फंडिंग में बदलाव भी शामिल है।
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विपक्ष का विरोध और धरना
विपक्ष ने बिल को गरीब विरोधी करार दिया। मुख्य आरोप:
- महात्मा गांधी का नाम हटाना राष्ट्रपिता का अपमान है।
- फंडिंग हिस्सेदारी बदलने से राज्यों पर बोझ बढ़ेगा।
- बिना समिति जांच के जल्दबाजी में पास करना लोकतंत्र की हत्या है।
टीएमसी, कांग्रेस, डीएमके समेत इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संविधान सदन की सीढ़ियों पर धरना दिया। टीएमसी सांसद
सागरिका घोष ने इसे “महात्मा गांधी की दूसरी हत्या” बताया। बैनरों पर लिखा था – “मनरेगा को बचाओ” और “गांधी जी
का अपमान बंद करो”। धरना 12 घंटे चला, जिसमें डेरेक ओ’ब्रायन, सुष्मिता देव जैसे नेता शामिल हुए। विपक्ष ने देशव्यापी
आंदोलन की चेतावनी दी।
प्रियंका गांधी ने कहा कि यह बिल मनरेगा को कमजोर करेगा और गरीबों का हक छीनेगा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और
मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी तीखा हमला बोला।
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सरकार का पक्ष
शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर पलटवार किया। कहा कि मनरेगा में भ्रष्टाचार था और राज्य सरकारें फंड का दुरुपयोग
करती थीं। नया बिल गांधीजी के आदर्शों को साकार करेगा और ग्रामीण भारत को मजबूत बनाएगा।
निष्कर्ष
VB-G RAM G बिल 2025 ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा सुधार लाने का दावा करता है, लेकिन इसका पास होना और
विरोध की तीव्रता सियासी ध्रुवीकरण को दिखाती है। विपक्ष का आधी रात धरना असहमति की मजबूत आवाज है, जबकि
सरकार इसे विकास की दिशा में कदम बता रही है। बिल लागू होने के बाद ग्रामीण भारत पर इसका असर दिखेगा – क्या
यह मनरेगा से बेहतर साबित होगा या विवाद और बढ़ाएगा, समय बताएगा। फिलहाल, सियासत आधी रात तक गरमाई रही!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. VB-G RAM G बिल 2025 क्या है? यह मनरेगा की जगह आने वाली नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना है, जो 125
दिन रोजगार और टिकाऊ विकास पर फोकस करती है।
2. बिल कब और कैसे पास हुआ? 18 दिसंबर को लोकसभा, 19 दिसंबर आधी रात के बाद राज्यसभा से ध्वनिमत से पास
हुआ, विपक्ष के हंगामे के बीच।
3. विपक्ष ने धरना क्यों दिया? गांधीजी का नाम हटाने, फंडिंग बदलाव और जल्दबाजी में पास करने के विरोध में संविधान
सदन के बाहर 12 घंटे धरना।
4. नए बिल में रोजगार कितने दिन का होगा? ग्रामीण परिवारों को सालाना 125 दिन की गारंटी (मनरेगा में 100 दिन थे)।
5. क्या मनरेगा पूरी तरह खत्म हो जाएगी? हां, यह बिल मनरेगा को पूरी तरह रिप्लेस करेगा।
6. विपक्ष की आगे की योजना क्या है? देशभर में सड़कों पर विरोध और आंदोलन की घोषणा की गई है।











