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Delhi Air Pollution 2025: MCD के तमाम प्रयासों के बावजूद AQI 400 के पार, जानें वो 4 हॉटस्पॉट जहां सबसे ज्यादा बिगड़ी हवा

On: November 20, 2025 8:21 PM
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Delhi Air Pollution 2025: दिल्ली में एक बार फिर सांस लेना मुश्किल हो गया है। 20 नवंबर 2025 को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 400 के स्तर पर पहुंच गया, जो ‘सीवियर’ कैटेगरी में आता है। ठंड बढ़ने, हवा की रफ्तार कम होने और धूल-वाहनों के उत्सर्जन की वजह से प्रदूषण फंसकर रह गया है।

Delhi Air Pollution 2025
Delhi Air Pollution 2025: MCD के तमाम प्रयासों के बावजूद AQI 400 के पार, जानें वो 4 हॉटस्पॉट जहां सबसे ज्यादा बिगड़ी हवा

MCD ने पानी का छिड़काव, मैकेनिकल स्वीपिंग और कचरा जलाने पर चालान जैसे कई कदम उठाए हैं, लेकिन इन
हॉटस्पॉट्स पर स्थिति काबू से बाहर दिख रही है। आइए जानते हैं दिल्ली की मौजूदा हालत और उन चार इलाकों की
डिटेल जहां प्रयासों के बाद भी प्रदूषण कम नहीं हो रहा।

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Delhi Air Pollution 2025: दिल्ली में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति

20 नवंबर 2025 को सुबह से ही घनी धुंध छाई रही। CPCB के समीर ऐप के अनुसार, शहर का औसत AQI 400

दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के 392 से भी ज्यादा है। 39 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 21 ने ‘सीवियर’ लेवल क्रॉस

कर लिया। वजीरपुर सबसे खराब रहा जहां AQI 477 तक पहुंच गया। लोधी रोड जैसी कुछ जगहों पर ही 269

जैसे कम रीडिंग दर्ज हुईं, बाकी सब ‘वेरी पुअर’ से ‘सीवियर’ में।मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज की एयर क्वालिटी

अर्ली वॉर्निंग सिस्टम के अनुसार, अगले छह दिनों तक AQI ‘वेरी पुअर’ से ‘सीवियर’ रहेगा। वाहनों से 16-18

फीसदी और पराली जलाने से महज 2-3 फीसदी योगदान है, लेकिन लोकल धूल (PM10) और ठंडी हवा मुख्य

वजह बनी हुई है।

MCD के प्रदूषण रोकने के प्रयास

म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) ने GRAP-3 के तहत कई कदम उठाए हैं:

  • रोड्स पर पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल।
  • मैकेनिकल रोड स्वीपर्स की तादाद बढ़ाई।
  • कचरा जलाने, कंस्ट्रक्शन डस्ट और इंडस्ट्रियल यूनिट्स पर चालान – हजारों चालान काटे गए।
  • 62 हॉटस्पॉट्स चिह्नित करके वहां स्पेशल टीमें तैनात कीं।
  • नाइट स्वीपिंग और गार्बेज लिफ्टिंग शुरू की।

इन सबके बावजूद प्रदूषण कम नहीं हो रहा, क्योंकि धूल की मुख्य वजह अनधिकृत कंस्ट्रक्शन, खराब सैनिटेशन

और रोड कंडीशन हैं। कई काउंसलर्स ने शिकायत की कि कुछ वार्डों में ही ये सुविधाएं पहुंच रही हैं, बाकी इलाके

नेग्लेक्टेड हैं।

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ये हैं दिल्ली के 4 सबसे खराब हॉटस्पॉट्स जहां फेल हो रहे प्रयास

CPCB के लेटेस्ट डेटा में ये चार इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां AQI 440 से ऊपर पहुंच गया:

जहांगीरपुरी (AQI 453) उत्तर दिल्ली का यह इलाका हमेशा टॉप पर रहता है। यहां इंडस्ट्रियल एक्टिविटी, भारी
वाहनों की आवाजाही और खुले में कचरा जलाना मुख्य वजह है।

MCD की टीमें यहां चालान कर रही हैं, लेकिन लोकल डस्ट और ट्रैफिक जाम की वजह से सुधार नहीं हो रहा।

पंजाबी बाग (AQI 441) और मुंडका (AQI 441) पश्चिम दिल्ली के ये जुड़वां हॉटस्पॉट्स। मुंडका में इंडस्ट्रियल
यूनिट्स और ट्रक पार्किंग, जबकि पंजाबी बाग में रोड डस्ट और कंस्ट्रक्शन मुख्य समस्या। पानी छिड़काव के
बावजूद हवा की कम स्पीड ने प्रदूषकों को फंसा रखा है।

आनंद विहार (AQI 427) पूर्वी दिल्ली का यह बस टर्मिनल और हाईवे वाला इलाका। हजारों बसें-ट्रक और
ISBT की वजह से डीजल धुआं यहां हमेशा रहता है। MCD ने यहां स्पेशल ड्राइव चलाई, लेकिन ट्रैफिक वॉल्यूम
इतना ज्यादा है कि प्रयास नाकाफी साबित हो रहे।

बवाना (AQI 443) उत्तर-पश्चिम दिल्ली का इंडस्ट्रियल जोन। प्लास्टिक और मेटल यूनिट्स से निकलने वाला
धुआं और धूल यहां की हवा खराब रखता है।

GRAP के तहत कई यूनिट्स सील की गईं, लेकिन अवैध ऑपरेशन जारी रहने से AQI कंट्रोल नहीं हो पा रहा।

ये इलाके दिल्ली के 13-62 हॉटस्पॉट्स में शामिल हैं जहां PM10 लेवल सबसे ज्यादा है।

स्वास्थ्य पर असर और क्या करें आम लोग

‘सीवियर’ AQI में स्वस्थ लोग भी सांस की तकलीफ, आंखों में जलन और सिरदर्द महसूस कर सकते हैं।

बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों को घर में रहने की सलाह है। N95 मास्क पहनें, एयर प्यूरीफायर यूज

करें और बाहर निकलना कम करें।

निष्कर्ष

दिल्ली का प्रदूषण 2025 में भी पुरानी समस्या बना हुआ है। MCD और सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद

जहांगीरपुरी, पंजाबी बाग, आनंद विहार जैसे हॉटस्पॉट्स पर स्थिति नहीं सुधर रही। असल समस्या लोकल

सोर्सेज – धूल, वाहन और अवैध एक्टिविटी – में है। लंबे समय तक राहत के लिए सख्त इर्समेंट, पब्लिक

ट्रांसपोर्ट बढ़ाना और रीजनल कोऑर्डिनेशन जरूरी है। अभी तो दिल्लीवासी मास्क और प्यूरीफायर के

भरोसे हैं, लेकिन असली सुधार तब होगा जब सभी मिलकर जिम्मेदारी लेंगे। उम्मीद है जल्द हवा साफ

होगी और सांस लेना आसान हो जाएगा।

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