नकल माफिया के खुलासे के बाद सीएम योगी का सख्त कदम, जल्द होगी नई परीक्षा!

Published on: January 8, 2026
यूपी असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा रद्द
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यूपी असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा रद्द: परीक्षा रद्द होने का पूरा मामला

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC), प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या-51 के तहत अप्रैल 2025 में

सहायक आचार्य के पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। यह परीक्षा 16 और 17 अप्रैल 2025 को हुई,

जिसमें करीब 1.14 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

परीक्षा के बाद नकल माफियाओं से जुड़ी गुप्त सूचनाएं एसटीएफ को मिलीं, जिसमें धांधली, फर्जी प्रश्नपत्र और

अवैध धन वसूली के आरोप लगे।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गोपनीय जांच के आदेश दिए। जांच में एसटीएफ

ने 20 अप्रैल 2025 को तीन आरोपियों – महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल – को गिरफ्तार किया। ये

आरोपी फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर अभ्यर्थियों से ठगी कर रहे थे। मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स के विश्लेषण से

पता चला कि परीक्षा की शुचिता भंग हो चुकी है।

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सीएम योगी के निर्देश

सीएम योगी ने परीक्षा रद्द करने के साथ ही UPESSC को निर्देश दिए कि नई परीक्षा जल्द से जल्द पूरी पारदर्शिता

और निष्पक्षता के साथ आयोजित की जाए। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नकल माफियाओं पर सख्त

कार्रवाई जारी रहेगी। यह फैसला ईमानदार अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया है।

निष्कर्ष

योगी सरकार का यह फैसला भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मजबूत मिसाल है। नकल माफियाओं के खिलाफ

सख्ती से जहां गलत लोगों पर शिकंजा कसेगा, वहीं योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिलेगा। नई परीक्षा के आयोजन

से हजारों युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा और प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र की भर्तियां और मजबूत होंगी। यह कदम

अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।

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