Bihar Tourism News: नए साल पर रोहतास बनेगा पिकनिक का हॉटस्पॉट! तुतला भवानी से रोहतासगढ़ तक ईको टूरिज्म की पूरी तैयारी

Published on: December 29, 2025
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Bihar Tourism News: बिहार का रोहतास जिला नए साल 2026 के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। तुतला भवानी झरने से लेकर ऐतिहासिक रोहतासगढ़ किले तक ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने की सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने मिलकर साफ-सफाई, सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष इंतजाम किया है, ताकि परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आने वाले पर्यटक बेफिक्र होकर प्रकृति का आनंद ले सकें।

यह क्षेत्र अब बिहार का उभरता हुआ पिकनिक हॉटस्पॉट बन चुका है, जहां झरनों की कल-कल, पहाड़ियों की हरियाली

और इतिहास की गूंज एक साथ मिलती है।

Bihar Tourism News: तुतला भवानी झरना, प्रकृति और आस्था का अनोखा संगम

तुतला भवानी झरना रोहतास जिले का सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल है। तिलौठू ब्लॉक से करीब 8 किलोमीटर दूर कैमूर

पहाड़ियों के बीच बसा यह स्थान दो ऊंची चोटियों के बीच एक हरी-भरी घाटी बनाता है।

यहां कछुआर नदी से गिरता 180 फीट ऊंचा झरना धुंध जैसा प्रभाव पैदा करता है, इसलिए इसे धुआं झरना भी कहा

जाता है। पास ही मां तुतला भवानी का प्राचीन मंदिर है, जहां 12वीं शताब्दी की मूर्तियां और शिलालेख मौजूद हैं।

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हाल ही में वन विभाग ने इसे ईको टूरिज्म साइट के रूप में विकसित किया है। नए साल पर यहां ट्रैकिंग, पिकनिक और

मंदिर दर्शन के लिए हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। प्रशासन ने पार्किंग, बैठने की जगह, पानी और शौचालय की व्यवस्था

की है। मानसून के बाद सर्दियों में यहां का मौसम सबसे सुहावना होता है, ठंडी हवा और हरी वादियां मन मोह लेती हैं।

रोहतासगढ़ किला: इतिहास और रोमांच का गवाह

रोहतासगढ़ किला कैमूर पठार पर 1500 फीट ऊंचाई पर स्थित है। शेर शाह सूरी द्वारा बनवाया गया यह किला 83

द्वारों और विशाल दीवारों के लिए प्रसिद्ध है। यहां से सोन घाटी का मनोरम नजारा दिखता है। पौराणिक कथाओं के

अनुसार यह राजा हरिश्चंद्र के पुत्र रोहिताश्व की नगरी थी।

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नए साल पर यहां ट्रैकिंग और पिकनिक का खासा क्रेज है। जिला प्रशासन ने रास्तों की सफाई, गाइड की व्यवस्था

और सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। पास ही चौरासन मंदिर और अन्य प्राचीन स्थल भी हैं, जो धार्मिक पर्यटकों को

आकर्षित करते हैं। ईको टूरिज्म के तहत यहां जंगल सफारी और बर्ड वॉचिंग की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।

ईको टूरिज्म की अन्य तैयारियां और आकर्षण

रोहतास में तुतला भवानी के अलावा गुप्ता धाम, मांझर कुंड और धुआं कुंड जैसे स्थलों को भी ईको टूरिज्म हब

बनाया जा रहा है। सरकार ने इनके विकास के लिए करोड़ों रुपये आवंटित किए हैं। नए साल पर इन जगहों पर

पिकनिक स्पॉट्स, ट्रैकिंग ट्रेल्स और लोकल फूड स्टॉल्स की व्यवस्था की गई है।

क्षेत्र में दुर्गावती जलाशय, करकट झरना और कैमूर वन्यजीव क्षेत्र भी शामिल हैं, जहां बोटिंग और वाइल्डलाइफ

देखने का मजा लिया जा सकता है। प्रशासन ने प्लास्टिक मुक्त जोन बनाने, कचरा प्रबंधन और लोकल गाइड्स

की ट्रेनिंग पर जोर दिया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन बढ़े।

निष्कर्ष

रोहतास जिला नए साल 2026 के लिए एक आदर्श पिकनिक डेस्टिनेशन बन गया है। तुतला भवानी की प्राकृतिक

सुंदरता से रोहतासगढ़ के ऐतिहासिक महत्व तक, यहां हर तरह के पर्यटक को कुछ न कुछ विशेष मिलेगा। ईको

टूरिज्म की ये तैयारियां न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी, बल्कि बिहार के पर्यटन मानचित्र पर

रोहतास को नई पहचान देंगी। अगर आप शांति, रोमांच और आस्था की तलाश में हैं, तो इस नए साल रोहतास

जरूर आएं – यहां की यादें जीवनभर साथ रहेंगी।

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