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विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2025 : हर साल 31 मई को मनाया जाने वाला विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World No Tobacco
Day) एक ऐसा अवसर है जब पूरी दुनिया मिलकर तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाती है। इस दिवस

का उद्देश्य है – लोगों को यह समझाना कि तंबाकू न सिर्फ उनके स्वास्थ्य को, बल्कि समाज, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को
भी नुकसान पहुँचाता है।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2025
🔍 खोज की शुरुआत: तंबाकू है क्या?
तंबाकू एक प्रकार का पौधा है, जिसकी सूखी पत्तियों का उपयोग बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, पान मसाला आदि में किया जाता है।
यह निकोटीन नामक रासायनिक तत्व से भरपूर होता है, जो अत्यधिक लत लगाने वाला पदार्थ है। जब तंबाकू का सेवन किया
जाता है, तो यह मस्तिष्क में डोपामीन की मात्रा बढ़ा देता है, जिससे व्यक्ति को कुछ समय के लिए अच्छा महसूस होता है।
लेकिन धीरे-धीरे यह आदत जानलेवा बन जाती है।
🧠 शरीर पर असर: धीमा ज़हर
WHO के अनुसार, हर साल लगभग 80 लाख लोग तंबाकू से जुड़ी बीमारियों के कारण मर जाते हैं। इसमें से कई
मौतें कैंसर, हृदय रोग, ब्रोंकाइटिस, स्ट्रोक और लंग डिजीज जैसी बीमारियों से होती हैं। खास बात यह है कि तंबाकू का
धुआं न केवल उपभोक्ता के लिए, बल्कि उसके आस-पास मौजूद लोगों (पैसिव स्मोकर्स) के लिए भी घातक होता है।
🌍 विश्व तंबाकू निषेध दिवस एक वैश्विक पहल
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 1987 में इस दिन की शुरुआत की थी। इसका मकसद था कि लोगों को तंबाकू के
दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए और सरकारें तंबाकू पर नियंत्रण के लिए नीति बनाएं। हर साल इस दिन की
एक खास थीम होती है। उदाहरण के तौर पर, 2025 की थीम हो सकती है:
“Protecting Youth from Tobacco Industry Manipulation” – यानी “युवाओं को तंबाकू उद्योग के प्रलोभन
से बचाना।”
🚫 युवा पीढ़ी पर फोकस
विश्व तंबाकू निषेध दिवस आज की युवा पीढ़ी तंबाकू के नए रूप जैसे – वेपिंग, ई-सिगरेट और हर्बल हुक्का के आकर्षण
में फंस रही है। इन्हें ‘स्मार्ट’ या ‘कम हानिकारक’ कहकर बेचा जाता है, जबकि यह भी उतने ही खतरनाक होते हैं। तंबाकू
कंपनियाँ सोशल मीडिया, स्पॉन्सरशिप और फैंसी पैकेजिंग के जरिए युवाओं को लुभाती हैं।
💪 समाधान क्या है?
- शिक्षा और जागरूकता: स्कूलों और कॉलेजों में तंबाकू विरोधी शिक्षा अनिवार्य होनी चाहिए।
- कानून और प्रतिबंध: सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान पर सख्त रोक और भारी जुर्माने का प्रावधान होना चाहिए।
- परिवार की भूमिका: माता-पिता को अपने बच्चों को सही समय पर सही जानकारी देना आवश्यक है।
- नशामुक्ति केंद्र: जो लोग तंबाकू छोड़ना चाहते हैं, उनके लिए मदद उपलब्ध होनी चाहिए।
✅ निष्कर्ष
विश्व तंबाकू निषेध दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि एक आंदोलन है — स्वास्थ्य की ओर, स्वच्छता की ओर, और
सबसे ज़रूरी, जीवन की ओर। तंबाकू से मुक्ति सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की ज़रूरत है। आइए
, मिलकर संकल्प लें:
“ना करेंगे, ना करने देंगे।”


















