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UPI New Rules & Limits: नया साल 2026 शुरू हो चुका है और इसके साथ ही यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के कुछ महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं या होने वाले हैं। हालांकि कई अफवाहें सोशल मीडिया पर फैली हुई हैं कि फोनपे या गूगल पे बंद हो जाएंगे, लेकिन सच यह है कि NPCI ने थर्ड पार्टी ऐप्स की मार्केट शेयर लिमिट (30%) को लागू करने की डेडलाइन दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी है। यानी अभी कोई बड़ा डिसरप्शन नहीं है।

मुख्य फोकस फ्रॉड रोकने पर है – नए UPI ID के लिए पहले 24 घंटे की लिमिट, सिक्योरिटी चेक बढ़ाना और कुछ कैटेगरी में हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन की सुविधा। ये बदलाव डिजिटल पेमेंट को ज्यादा सुरक्षित और कुशल बनाने के लिए हैं। आइए विस्तार से समझते हैं मौजूदा और नए नियम क्या हैं।
UPI New Rules & Limits: सामान्य UPI ट्रांजैक्शन लिमिट क्या है?
NPCI के अनुसार, सामान्य व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) या व्यक्ति से व्यापारी (P2M) ट्रांजैक्शन की दैनिक लिमिट 1 लाख रुपये ही है। एक दिन में आप अधिकतम 20 ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। यह लिमिट ज्यादातर बैंक फॉलो करते हैं, हालांकि कुछ बैंक अपनी पॉलिसी से कम रख सकते हैं।
विशेष कैटेगरी में ऊंची लिमिट
कुछ खास क्षेत्रों में NPCI ने लिमिट बढ़ाई हुई है, जो पहले से लागू हैं:
- अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों में पेमेंट: 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजैक्शन।
- टैक्स पेमेंट, इंश्योरेंस, कैपिटल मार्केट (म्यूचुअल फंड, स्टॉक), IPO और कुछ गवर्नमेंट पेमेंट: 5 लाख रुपये तक।
- कुछ मामलों में दैनिक लिमिट 10 लाख रुपये तक हो सकती है।
ये बदलाव 2025 में ही लागू हो चुके हैं, लेकिन 2026 में भी यही जारी रहेंगे।
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नए UPI ID या बैंक लिंक करने पर क्या नियम?
अगर आप नया UPI ID बनाते हैं या बैंक अकाउंट लिंक करते हैं, तो पहले 24 घंटे में सिर्फ 5,000 रुपये तक का ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। यह फ्रॉड रोकने के लिए है। उसके बाद नॉर्मल लिमिट लागू हो जाती है।
सिक्योरिटी के नए उपाय
2026 में फ्रॉड कम करने के लिए NPCI और बैंक ज्यादा सख्ती कर रहे हैं:
- UPI ऐप्स में अतिरिक्त KYC, मोबाइल-डिवाइस लिंकिंग अनिवार्य।
- संदिग्ध अकाउंट ब्लॉक हो सकते हैं।
- Collect रिक्वेस्ट फीचर पर कुछ कैटेगरी में पाबंदी, ताकि रिकरिंग कलेक्शन का दुरुपयोग न हो।
- ऑटोपे में क्लियर डिस्प्ले रूल्स, ताकि सब्सक्रिप्शन पेमेंट साफ दिखें।
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अफवाहों का सच
- गूगल पे या फोनपे पर 30% मार्केट शेयर कैप: डेडलाइन अब 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाई गई है। अभी कोई रोक नहीं।
- UPI पर चार्ज: बैंक टू बैंक P2P ट्रांजैक्शन फ्री ही रहेंगे। मर्चेंट PPI (वॉलेट) पर हाई वैल्यू में इंटरचेंज फीस मर्चेंट देते हैं।
भविष्य में क्या आने वाला है?
मार्च 2026 से EPF विदड्रॉल UPI से संभव हो सकता है। साथ ही, सिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए API गाइडलाइंस अपडेट हो रही हैं।











