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Ration Card Protest: हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में BPL राशन कार्ड कटौती के फैसले के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। सैकड़ों प्रभावित परिवारों ने आज सुबह SDM कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को रखते हुए डीसी को ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई। यह घटना राज्य सरकार की हालिया कल्याण योजनाओं की समीक्षा का हिस्सा बताई जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।

आइए, इस विवाद के हर पहलू को विस्तार से समझें।
Ration Card Protest: आधार लिंकिंग और डुप्लिकेट हटाने की कार्रवाई
हरियाणा सरकार ने मई 2025 से शुरू की गई सफाई अभियान के तहत पूरे राज्य में BPL राशन कार्डों की जांच
तेज कर दी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 2.75 लाख से अधिक कार्ड रद्द हो चुके हैं, जिनमें
कुरुक्षेत्र जिले के लगभग 5,000 कार्ड शामिल हैं। मुख्य कारण आधार कार्ड से लिंकिंग न होना, डुप्लिकेट एंट्री
और आय सीमा से बाहर होना बताया जा रहा है।
कुरुक्षेत्र के थानेसर और शाहाबाद ब्लॉक के ग्रामीणों ने बताया कि कई परिवारों के कार्ड बिना किसी पूर्व सूचना
के कट गए। एक प्रभावित किसान रामेश्वर ने कहा, “हमारे पास आधार है, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण
लिंक नहीं हो पाया। अब राशन दुकान पर नाम न आने से परिवार भूखा रह जाता है।” जिला प्रशासन का दावा
है कि यह अभियान पारदर्शिता लाने के लिए है, लेकिन ग्रामीण इसे अन्याय मान रहे हैं।
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प्रदर्शन का रूप: SDM कार्यालय पर धरना और नारेबाजी
सुबह 10 बजे से शुरू हुए प्रदर्शन में करीब 300 से अधिक लोग जमा हो गए। ग्रामीणों ने बैनर और प्लेकार्ड के
साथ नारेबाजी की, जिसमें ‘BPL कार्ड वापस दो’ और ‘गरीबों का अपमान बंद करो’ जैसे नारे गूंजे। SDM
कार्यालय को घेर लिया गया, और स्थानीय नेताओं ने मांग की कि कटौती पर रोक लगाई जाए। पुलिस ने हल्की
फोर्स तैनात की, लेकिन स्थिति शांतिपूर्ण रही।
प्रदर्शन का नेतृत्व स्थानीय किसान संघ और महिला समूहों ने किया। एक महिला कार्यकर्ता ने बताया, “हमारे
गांव में 50 से अधिक परिवार प्रभावित हैं। बच्चों की पढ़ाई और दवा के लिए राशन जरूरी है।” दोपहर तक
प्रदर्शनकारियों ने SDM को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें 15 दिनों में कार्ड बहाल करने और अपील प्रक्रिया सरल
बनाने की मांग की गई। यह ज्ञापन डीसी को भेजा जाएगा।
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सरकारी पक्ष: क्या कह रही है प्रशासन?
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कटौती गलत नहीं है, बल्कि सत्यापन का हिस्सा है। डीसी कार्यालय से जारी
बयान में कहा गया, “प्रभावित लोग ई-मित्र केंद्रों पर जाकर अपील कर सकते हैं। हम 90% मामलों में तुरंत सुधार
कर रहे हैं।” राज्य स्तर पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने निर्देश दिए हैं कि आधार लिंकिंग के लिए विशेष कैंप लगाए
जाएं। कुरुक्षेत्र में अगले सप्ताह ऐसे कैंप आयोजित होने हैं।
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को उठाया है। कांग्रेस नेता ने कहा, “यह गरीब विरोधी नीति है। सरकार को तुरंत कार्रवाई
करनी चाहिए।” वहीं, बीजेपी ने इसे केंद्र की डिजिटल इंडिया योजना का हिस्सा बताया।
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प्रभावित परिवारों की कहानी: रोजमर्रा की परेशानियां
कुरुक्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में BPL कार्ड कटने से कई परिवारों की दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। एक मजदूर
परिवार ने बताया कि राशन के बिना चावल-आटा खरीदना महंगा पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी
योजनाओं में ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी एक बड़ी समस्या है। एनजीओ सक्रिय हो गए हैं, जो प्रभावितों
को अपील प्रक्रिया में मदद कर रहे हैं।
निष्कर्ष: संवाद और सुधार की जरूरत
कुरुक्षेत्र का यह विरोध BPL राशन कार्ड कटौती के व्यापक मुद्दे को उजागर करता है। जहां सरकार पारदर्शिता का
दावा कर रही है, वहीं ग्रामीणों की चिंताएं जायज हैं। प्रशासन को अब त्वरित अपील तंत्र मजबूत करना चाहिए,
ताकि गरीब परिवारों को राहत मिले। नागरिकों से अपील है कि आधार लिंकिंग पूरी करें। सामूहिक प्रयास से ही
कल्याण योजनाएं प्रभावी होंगी।











