Admission News Auto Mobile Banking Jobs Beauty and Fashion Bitcoin Price Bollywood News Celebrity Net Worth Cricket News Digital Education Festival

Babri Masjid Demolition पर Owaisi का बड़ा बयान, हैदराबाद में उठाए कई सवाल

On: December 6, 2025 4:35 PM
Follow Us:
Babri Masjid Demolition
Getting your Trinity Audio player ready...

Babri Masjid Demolition: 6 दिसंबर 2025 को बाबरी मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी पर हैदराबाद में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक सार्वजनिक सभा को संबोधित किया। उन्होंने इस घटना को भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन करार दिया और कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए। ओवैसी ने कहा कि जब तक दुनिया रहेगी, तब तक बाबरी मस्जिद का जिक्र करते रहेंगे।

Babri Masjid Demolition
Babri Masjid Demolition पर Owaisi का बड़ा बयान, हैदराबाद में उठाए कई सवाल

उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जहां उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले और घटना के जिम्मेदारों

पर सवाल खड़े किए। आइए, इस बयान की पूरी पृष्ठभूमि और उठाए गए मुद्दों को विस्तार से समझते हैं।

Babri Masjid Demolition: 1992 की घटना आज भी चर्चा में

6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में कारसेवकों की भीड़ ने बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था, जो भारतीय इतिहास

की सबसे विवादास्पद घटनाओं में से एक है।

इस घटना के बाद देशभर में दंगे भड़क गए थे, जिसमें हजारों लोग मारे गए। सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में राम मंदिर निर्माण

का फैसला सुनाया, लेकिन ओवैसी जैसे नेता इसे अन्याय का प्रतीक मानते हैं।

हर साल इस दिन मुस्लिम समुदाय इसे शहादत का दिन के रूप में याद करता है। हैदराबाद जैसे शहरों में काले झंडे

लहराए जाते हैं और शांति मार्च निकाले जाते हैं।

इस वर्ष ओवैसी की सभा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जहां उन्होंने वीडियो के जरिए अपना संदेश साझा किया।

उन्होंने कहा,

“सुप्रीम कोर्ट में लिखकर देने के बावजूद दुनिया की आंखों के सामने पुलिस की मौजूदगी में मस्जिद को शहीद कर

दिया गया।” यह बयान घटना की कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठाता है।

Read More Article: 2025 IND vs SA Live: भारत की नजर वनडे सीरीज जीत पर, टॉस से पहले बढ़ा फैंस का रोमांच

ओवैसी का मुख्य बयान: काला दिन और तुलना अन्य घटनाओं से

ओवैसी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 6 दिसंबर भारतीय इतिहास का सियाह (काला) दिन है। उन्होंने इसे इंदिरा गांधी

की हत्या, 1984 के सिख विरोधी दंगों और 2002 के गुजरात दंगों से जोड़ा।

“यह दिन हमारे मुल्क के लिए वैसा ही है जैसा वे तारीखें,” उन्होंने जोर देकर कहा। ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र

मोदी के राम मंदिर निर्माण को घाव भरने वाले बयान को चुनौती दी, पूछते हुए कि क्या विध्वंस के जिम्मेदारों

को सजा मिली? उनका X पोस्ट, जिसमें वीडियो संलग्न था, तुरंत वायरल हो गया। पोस्ट में लिखा था,

“जब तक दुनिया रहेगी, तब तक बाबरी मस्जिद का जिक्र करते रहेंगे।” इस सभा में #NeverForgetBabri जैसे

हैशटैग का इस्तेमाल किया गया, जो सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा।

Read More Article: एजुकेशन फॉर भारत महाकुंभ में वीरेंद्र सहवाग का बड़ा संदेश, बोले– बच्चों को नाकामी से लड़ना सिखाएं; मनु भाकर का भी हुआ जिक्र

हैदराबाद सभा में उठाए सवाल: सुप्रीम कोर्ट फैसले पर क्या विवाद

ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले पर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने खुद माना था कि 1949

में मस्जिद में मूर्तियां रखना बेहुदमती (अन्याय) था और 1992 का विध्वंस अपराध।

फिर भी, जिम्मेदारों को सजा क्यों नहीं मिली? “पुलिस की मौजूदगी में यह सब हुआ, फिर न्याय कहां गया?”

उन्होंने पूछा। यह सवाल न सिर्फ विध्वंस की घटना पर, बल्कि पूरे न्यायिक प्रक्रिया पर केंद्रित हैं। हैदराबाद के पुराने

शहर में सभा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। कुछ दुकानें बंद रहीं और काले झंडे लहराए गए। ओवैसी ने युवाओं

से अपील की कि आने वाली पीढ़ियों को इस घटना की याद दिलाएं, ताकि इतिहास दोहराया न जाए।

प्रतिक्रियाएं: सोशल मीडिया पर बहस और राजनीतिक टिप्पणियां

ओवैसी के बयान पर सोशल मीडिया पर दोहरी प्रतिक्रियाएं आईं। समर्थकों ने इसे साहसी बताया, जबकि

आलोचकों ने इसे पुरानी बातें दोहराने वाला कहा। एक यूजर ने लिखा, “ओवैसी साहब सही कह रहे हैं, न्याय

अभी बाकी है।” वहीं, दूसरे ने पूछा, “क्या यह बयान सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास है?”

राजनीतिक दलों ने भी चुप्पी नहीं साधी; कुछ ने इसे लोकतंत्र पर सवाल बताया, तो कुछ ने एकता की अपील

की। हैदराबाद में शांति बनी रही, लेकिन यह बयान राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ने वाला साबित हुआ। विशेषज्ञों का

मानना है कि ऐसी घटनाओं की यादें सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

Read More Article: आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस पर सीएम योगी का बड़ा ऐलान, बाबा साहब की हर मूर्ति के चारों ओर बनेगी बाउंड्री वॉल

निष्कर्ष: यादों का बोझ और आगे की राह

ओवैसी का बाबरी मस्जिद विध्वंस पर बयान न सिर्फ 33वीं बरसी का हिस्सा है, बल्कि यह भारतीय समाज के गहरे

घावों को उजागर करता है।

हैदराबाद में उठाए गए सवाल न्याय, इतिहास और भविष्य की यादों पर केंद्रित हैं। अगर इन मुद्दों पर खुली चर्चा हो,

तो शायद सामाजिक सद्भाव मजबूत हो। लेकिन याद रखना जरूरी है कि अतीत की सीख से ही वर्तमान बेहतर बनता

है। यह बयान हमें सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हमने सबक लिया है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment