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नया श्रम कानून 2025: भारत में लंबे इंतजार के बाद नए श्रम कानून पूरी तरह लागू हो गए हैं। 21 नवंबर 2025 से प्रभावी इन चार श्रम संहिताओं ने कर्मचारियों के लिए कई बड़े बदलाव लाए हैं। सबसे महत्वपूर्ण है फुल एंड फाइनल सेटलमेंट (FnF) का नया नियम – अब नौकरी छोड़ने, इस्तीफा देने या निकाले जाने पर कंपनी को कर्मचारी का पूरा बकाया दो कार्य दिवसों के अंदर चुकाना अनिवार्य है। पहले यह प्रक्रिया 30-60 दिन या उससे ज्यादा लग जाती थी, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था।

अब यह नियम सभी कर्मचारियों पर लागू है, चाहे स्थायी हों या कॉन्ट्रैक्ट। आइए विस्तार से समझते हैं यह नियम क्या है, कैसे काम करेगा और इसका असर क्या होगा।
नए श्रम कानून 2025 क्या हैं और कब लागू हुए?
सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को समेटकर चार नई संहिताएं बनाई हैं:
- वेज कोड (Code on Wages, 2019)
- इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड (2020)
- सोशल सिक्योरिटी कोड (2020)
- ऑक्यूपेशनल सेफ्टी कोड (2020)
ये सभी 21 नवंबर 2025 से प्रभावी हो गए। इनका मकसद कर्मचारियों को बेहतर सुरक्षा देना, पारदर्शिता बढ़ाना और कंपनियों के लिए कंप्लायंस आसान करना है।
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फुल एंड फाइनल सेटलमेंट का नया नियम: 2 दिन की सख्त डेडलाइन
वेज कोड की धारा 17(2) में साफ कहा गया है कि कर्मचारी के इस्तीफा, निकाले जाने, रिट्रेंचमेंट या कंपनी बंद होने की स्थिति में उसका पूरा बकाया वेतन दो कार्य दिवसों के अंदर देना होगा।
यह बकाया शामिल करता है:
- अंतिम महीने की सैलरी (प्रो-रेटा)
- अवकाश भुगतान (लीव इनकैशमेंट)
- बोनस या अन्य देय राशि
ग्रेच्युटी और पीएफ अलग से तय समयसीमा में मिलेंगे, लेकिन मुख्य वेजेस अब तुरंत। पुराने पेमेंट ऑफ वेजेस एक्ट में यह नियम सिर्फ निकाले जाने पर लागू था, अब इस्तीफे पर भी।
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देरी हुई तो क्या होगा जुर्माना?
हालांकि कोड में सीधे तौर पर देरी का अलग जुर्माना नहीं बताया गया, लेकिन गलत या कम भुगतान पर सख्त दंड है। कर्मचारी शिकायत कर सकता है, तो कंपनी पर जुर्माना, ब्याज और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह नियम मॉनिटरिंग और प्रवर्तन से मजबूत होगा, इसलिए कंपनियां अब देरी नहीं कर पाएंगी।
कंपनियों पर क्या असर पड़ेगा?
कंपनियों को अब एचआर और पेरोल प्रोसेस तेज करनी होगी। एग्जिट क्लियरेंस, कैलकुलेशन और पेमेंट को ऑटोमेट करने
की जरूरत पड़ेगी। छोटी कंपनियों के लिए चुनौती ज्यादा, लेकिन लंबे समय में पारदर्शिता बढ़ेगी। कई कंपनियां पहले से
सॉफ्टवेयर अपग्रेड कर रही हैं।
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कर्मचारियों के लिए फायदे
- जॉब बदलते समय आर्थिक तनाव कम
- तुरंत पैसा मिलने से नई शुरुआत आसान
- सभी प्रकार के कर्मचारियों (फिक्स्ड टर्म, गिग वर्कर्स भी) को फायदा
निष्कर्ष
नया श्रम कानून 2025 कर्मचारियों के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। 2 दिन में फुल एंड फाइनल सेटलमेंट का नियम नौकरी
छोड़ने वालों को बड़ी राहत देगा और कंपनियों को ज्यादा जिम्मेदार बनाएगा।
यह बदलाव न केवल वित्तीय सुरक्षा बढ़ाएगा, बल्कि कार्यस्थल पर विश्वास भी मजबूत करेगा। अगर आप नौकरी बदलने की
योजना बना रहे हैं, तो यह नियम आपके लिए गेम चेंजर साबित होगा। कुल मिलाकर, यह सुधार भारत के श्रम जगत को
आधुनिक और कर्मचारी-हितैषी बना रहा है।











