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Mangla Pasu Bima 2025: राजस्थान सरकार ने पशुपालन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। मंगल पशु बीमा योजना 2025 के तहत राज्य के किसानों और पशुपालकों को उनके दुधारू और अन्य पशुओं के लिए मुफ्त बीमा सुविधा मिलेगी। यह योजना 2024-25 के बजट में घोषित की गई थी और अब पूरी तरह से लागू हो चुकी है। इसके जरिए 21 लाख पशुओं को कवर किया जाएगा, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करेगा। अगर आप पशुपालन से जुड़े हैं,

तो इस आर्टिकल में हम योजना के उद्देश्य, लाभ, पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया और क्लेम प्रक्रिया को स्टेप बाय स्टेप समझेंगे।
Mangla Pasu Bima 2025: पशुपालकों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना
मंगल पशु बीमा योजना का मुख्य फोकस पशुपालकों को अप्रत्याशित हानि से बचाना है। राज्य में ज्यादातर किसान छोटे स्तर पर पशुपालन करते हैं, लेकिन बीमारी, दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा के कारण पशुधन की हानि उनकी आजीविका को प्रभावित कर देती है।
- कवरेज लक्ष्य: 5 लाख गाय, 5 लाख भैंस, 5 लाख भेड़, 5 लाख बकरी और 1 लाख ऊंट।
- बजट आवंटन: लगभग 400 करोड़ रुपये।
- आरक्षण: एससी पशुपालकों के लिए 16% और एसटी के लिए 12% कोटा।
यह योजना न केवल वित्तीय सहायता देती है बल्कि पशुपालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण रोजगार को प्रोत्साहित करती है। पशु चिकित्सकों और बीमा प्रतिनिधियों की टीम मिलकर मूल्यांकन करती है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
पात्रता मानदंड: कौन ले सकता है योजना का लाभ?
सभी राजस्थान के निवासी पशुपालक आवेदन कर सकते हैं, लेकिन कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। योजना में केवल टैग्ड (पंजीकृत) पशुओं को ही शामिल किया जाता है।
- जनाधार कार्ड: सभी लाभार्थी जनाधार कार्ड धारक होने चाहिए।
- प्राथमिकता: गोपाल क्रेडिट कार्ड धारक, लखपती दीदी योजना के लाभार्थी और छोटे पशुपालक (अधिकतम 2 दुधारू पशु/10 भेड़-बकरी/1 ऊंट)।
- पशु की उम्र: गाय (3-12 वर्ष), भैंस (4-12 वर्ष)।
- चयन प्रक्रिया: लॉटरी सिस्टम से चयन, ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
- सीमा: प्रति पशुपालक अधिकतम 2 गाय/भैंस या 10 भेड़/बकरी।
अगर आपके पशु टैग्ड नहीं हैं, तो पहले पशु चिकित्सा विभाग से टैगिंग करवाएं। यह प्रक्रिया मुफ्त है और स्थानीय पशु अस्पतालों पर उपलब्ध है।
लाभ: विभिन्न पशुओं के लिए बीमा राशि और क्लेम
योजना के तहत बीमा पूरी तरह मुफ्त है, और पशु की मृत्यु पर मुआवजा मिलता है। मूल्यांकन पशु की नस्ल, स्वास्थ्य, दुग्ध उत्पादन और बाजार मूल्य के आधार पर होता है।
| पशु का प्रकार | बीमा राशि (अधिकतम) | अतिरिक्त नोट्स |
|---|---|---|
| गाय | ₹40,000 | प्रति लीटर दूध ₹3,000 की दर से मूल्यांकन |
| भैंस | ₹40,000 | प्रति लीटर दूध ₹4,000 की दर से मूल्यांकन |
| ऊंट | ₹40,000 | ऊंट वंशीय पशुओं के लिए |
| भेड़/बकरी | ₹4,000 प्रति पशु | समूह बीमा, अधिकतम 10 पशु |
- क्लेम योग्य कारण: बीमारी, दुर्घटना, प्राकृतिक मौत (पोस्टमॉर्टम जरूरी)।
- प्रक्रिया: मृत्यु के 15 दिनों के अंदर बीमा प्रतिनिधि को सूचना दें। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और दस्तावेज जमा करने पर 30 दिनों में भुगतान।
यह बीमा पशुपालकों को आत्मविश्वास देता है, क्योंकि वे बिना चिंता के पशुपालन जारी रख सकते हैं।
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आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके उपलब्ध
आवेदन सरल और डिजिटल है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के किसान आसानी से हिस्सा ले सकें। अंतिम तिथि 31 जनवरी 2025 तक बढ़ाई गई है।
- ऑनलाइन आवेदन:
- आधिकारिक वेबसाइट mmpby.rajasthan.gov.in पर जाएं या MMPBY ऐप डाउनलोड करें।
- ‘मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना’ सेक्शन में रजिस्टर करें।
- जनाधार कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर और पशु विवरण भरें।
- पशु टैग नंबर अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें।
- OTP वेरिफिकेशन के बाद आवेदन स्वीकृत हो जाएगा।
- ऑफलाइन आवेदन:
- नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र या ई-मित्र कियोस्क पर फॉर्म लें।
- दस्तावेज संलग्न करें और जमा करें।
- आवेदन ट्रैकिंग के लिए रसीद रखें।
- जरूरी दस्तावेज: जनाधार कार्ड, आधार कार्ड, पशु टैग सर्टिफिकेट, बैंक पासबुक, फोटो।
- हेल्पलाइन: 1800-180-6268 या स्थानीय पशुपालन विभाग से संपर्क करें।
लॉटरी चयन के बाद SMS अलर्ट मिलेगा, और बीमा पॉलिसी जारी हो जाएगी।
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क्लेम प्रक्रिया: तेज और पारदर्शी
पशु की मृत्यु पर तुरंत कार्रवाई करें:
- बीमा प्रतिनिधि को फोन/ऐप से सूचना दें।
- 48 घंटों के अंदर पशु चिकित्सक से पोस्टमॉर्टम करवाएं।
- रिपोर्ट, फोटो और दस्तावेज ऐप पर अपलोड करें।
- सॉफ्टवेयर वेरिफिकेशन के बाद 30 दिनों में DBT से भुगतान।
यह प्रक्रिया डिजिटल होने से देरी नहीं होती।
Conclusion
मंगल पशु बीमा योजना 2025 राजस्थान के पशुपालकों के लिए एक वरदान साबित हो रही है, जो न केवल आर्थिक नुकसान से बचाव करती है बल्कि पशुपालन को व्यवसाय के रूप में मजबूत बनाती है। 21 लाख पशुओं का कवरेज और मुफ्त बीमा इसकी सबसे बड़ी ताकत है। अगर आप पात्र हैं, तो तुरंत आवेदन करें और लॉटरी में चयन का इंतजार करें। हालांकि, टैगिंग और दस्तावेज पूरे रखने की सलाह दी जाती है। कुल मिलाकर, यह योजना ग्रामीण विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।











