|
Getting your Trinity Audio player ready...
|
PM Mudra Loan Yojana 2026: भारत में छोटे व्यवसायों और उद्यमियों को मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PM Mudra Yojana) एक महत्वपूर्ण कदम है। 2015 में शुरू हुई यह योजना गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि क्षेत्र के सूक्ष्म और लघु उद्यमों को बिना किसी गारंटी के लोन प्रदान करती है। 2026 में यह योजना और मजबूत हो गई है, क्योंकि अब तरुण प्लस कैटेगरी के तहत ₹20 लाख तक का लोन उपलब्ध है। पहले यह सीमा ₹10 लाख थी, लेकिन बजट 2024-25 में बढ़ाई गई और अक्टूबर 2024 से लागू हो गई।

यह योजना लाखों लोगों को स्वरोजगार का मौका दे रही है, खासकर महिलाओं, ग्रामीण युवाओं और पिछड़े वर्गों को। 10 साल पूरे होने पर 52 करोड़ से ज्यादा लोन वितरित हो चुके हैं, जिनकी कुल राशि ₹33 लाख करोड़ से अधिक है। इसमें 70% महिलाएं और 50% SC/ST/OBC लाभार्थी हैं। इस लेख में हम 2026 के अपडेटेड नियमों, कैटेगरी, लाभ और आवेदन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
PM Mudra Loan Yojana 2026: मुद्रा योजना की मुख्य कैटेगरी और लोन लिमिट (2026 अपडेट)
योजना को व्यवसाय की स्टेज के अनुसार चार कैटेगरी में बांटा गया है:
- शिशु (Shishu): ₹50,000 तक लोन। नए शुरू होने वाले छोटे व्यवसायों के लिए आदर्श, जैसे छोटी दुकान या सर्विस।
- किशोर (Kishore): ₹50,000 से ₹5 लाख तक। बढ़ते व्यवसायों के लिए, जैसे मशीनरी खरीदना या वर्किंग कैपिटल।
- तरुण (Tarun): ₹5 लाख से ₹10 लाख तक। स्थापित व्यवसायों के विस्तार के लिए।
- तरुण प्लस (Tarun Plus): ₹10 लाख से ₹20 लाख तक। यह नई कैटेगरी है, केवल उन उद्यमियों के लिए जो पहले तरुण कैटेगरी का लोन सफलतापूर्वक चука चुके हैं।
ये सभी लोन बिना गारंटी या कोलेटरल के हैं। क्रेडिट गारंटी फंड (CGFMU) से कवरेज मिलता है, जिससे बैंक आसानी से लोन देते हैं।
Also Read: नेशनल लोक अदालत 10 जनवरी 2026: चालान से छुटकारा पाने का सुनहरा मौका, टोकन फ्री में लें!
2026 में नए नियम और बदलाव
- लोन लिमिट बढ़ी: तरुण प्लस से ₹20 लाख तक।
- डिजिटल आवेदन आसान: उद्यमी मित्र पोर्टल या मुद्रा ऐप से ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।
- महिलाओं और पिछड़े वर्गों को प्राथमिकता: 70% लोन महिलाओं को, SC/ST/OBC को विशेष फोकस।
- ब्याज दर: 8-12% प्रति वर्ष (बैंक के अनुसार), महिलाओं को कभी-कभी छूट।
- रिपेमेंट पीरियड: 3-5 साल तक, ओवरड्राफ्ट सुविधा भी।
- कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं: शिशु कैटेगरी में ज्यादातर मामलों में जीरो फीस।
योजना का फोकस ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में है, जहां छोटे व्यापारी, दुकानदार, सर्विस प्रोवाइडर या मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चलाने वाले लाभ ले सकते हैं।
Also Read: जी राम जी से ग्रामीण भारत को मिलेगा नया जीवन, कांग्रेस पर जमकर बरसे!
मुद्रा लोन के प्रमुख फायदे
- बिना सिक्योरिटी: कोई संपत्ति गिरवी नहीं रखनी पड़ती।
- आसान उपलब्धता: बैंक, NBFC, MFI और छोटे फाइनेंस बैंक से मिलता है।
- रोजगार सृजन: लाखों नौकरियां पैदा हुईं, खासकर पहली बार उद्यमी बनने वालों के लिए।
- महिला सशक्तिकरण: ज्यादातर लाभार्थी महिलाएं।
- त्वरित अप्रूवल: शिशु लोन में 7-10 दिन में प्रोसेसिंग।
- व्यवसाय विस्तार: मशीनरी, स्टॉक या मार्केटिंग के लिए इस्तेमाल।
आवेदन कैसे करें?
- निकटतम बैंक, NBFC या MFI शाखा में जाएं।
- मुद्रा एप्लीकेशन फॉर्म भरें (शिशु, किशोर, तरुण या तरुण प्लस)।
- दस्तावेज: आधार, पैन, बिजनेस प्लान, बैंक स्टेटमेंट।
- ऑनलाइन: www.mudra.org.in या udyamimitra.in पर अप्लाई।
- तरुण प्लस के लिए पुराने लोन का रिपेमेंट प्रूफ जरूरी।
ध्यान दें: कोई एजेंट नहीं है, सीधे बैंक से संपर्क करें।











