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Income Tax Slabs FY 2025-26 : Budget 2026 में टैक्स स्लैब जस के तस, मिडिल क्लास के लिए अहम अपडेटUnion Budget 2026 में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है। FY 2025-26 (AY 2026-27) के लिए टैक्स स्लैब पिछले साल जैसे ही बने हुए हैं। पिछले बजट में मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिली थी, लेकिन इस बार स्लैब स्थिर रहने से कई लोग निराश हुए हैं। फिर भी, नए टैक्स रिजीम की वजह से कई मिडिल क्लास फैमिली को अभी भी फायदा मिल रहा है, खासकर जहां टैक्स फाइलिंग आसान और कम डिडक्शन वाली है।

इस आर्टिकल में हम FY 2025-26 के इनकम टैक्स स्लैब की डिटेल्स देखेंगे, नए और पुराने रिजीम की तुलना करेंगे, मिडिल क्लास पर असर समझेंगे और टैक्स प्लानिंग के टिप्स देंगे।
Income Tax Slabs FY 2025-26 : (FY 2025-26 / AY 2026-27)
नया टैक्स रिजीम अब डिफॉल्ट है और ज्यादातर सैलरीड लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। यहां स्लैब हैं:
- 0 से 4 लाख रुपये तक: 0% (बिल्कुल टैक्स फ्री)
- 4 लाख से 8 लाख रुपये तक: 5%
- 8 लाख से 12 लाख रुपये तक: 10%
- 12 लाख से 16 लाख रुपये तक: 15%
- 16 लाख से 20 लाख रुपये तक: 20%
- 20 लाख से 24 लाख रुपये तक: 25%
- 24 लाख रुपये से ऊपर: 30%
इस रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन 75,000 रुपये है। साथ ही, रिबेट (सेक्शन 87A) की वजह से 12 लाख रुपये तक की इनकम पर प्रभावी रूप से जीरो टैक्स लगता है। हेल्थ एंड एजुकेशन सेस 4% अलग से लगता है।
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पुराने टैक्स रिजीम के इनकम टैक्स स्लैब (FY 2025-26 / AY 2026-27)
पुराना रिजीम उन लोगों के लिए बेहतर है जो कई डिडक्शन क्लेम करते हैं, जैसे HRA, 80C, 80D, होम लोन इंटरेस्ट आदि। स्लैब इस प्रकार हैं (नॉर्मल इंडिविजुअल के लिए):
- 0 से 2.5 लाख रुपये तक: 0%
- 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक: 5%
- 5 लाख से 10 लाख रुपये तक: 20%
- 10 लाख रुपये से ऊपर: 30%
स्टैंडर्ड डिडक्शन यहां 50,000 रुपये है। सीनियर सिटीजन और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए बेसिक एग्जेम्प्शन अलग होता है (3 लाख और 5 लाख तक)।
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मिडिल क्लास के लिए अहम अपडेट और असर
बजट 2026 में स्लैब जस के तस रहने से मिडिल क्लास (खासकर 10-20 लाख की इनकम वाले) को कोई अतिरिक्त राहत नहीं मिली। पिछले बजट में नए रिजीम को आकर्षक बनाने के बाद इस बार फोकस कम्प्लायंस आसान करने पर रहा, जैसे ITR फाइलिंग की डेडलाइन में बदलाव, रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की सुविधा और कुछ TCS रेट्स कम करना।
- फायदे: नए रिजीम में 12 लाख तक जीरो टैक्स और ऊंची स्लैब की वजह से मिडिल क्लास सैलरीड लोगों को कम टैक्स देना पड़ता है। अगर आप डिडक्शन नहीं लेते, तो नया रिजीम चुनना स्मार्ट है।
- चुनौतियां: महंगाई बढ़ रही है, लेकिन स्लैब नहीं बदले, तो रियल इनकम पर टैक्स का बोझ बढ़ सकता है। पुराने रिजीम में डिडक्शन लेने वाले (जैसे होम लोन, इंश्योरेंस) को फायदा है, लेकिन फाइलिंग जटिल है।
- बजट में अन्य छोटे बदलाव जैसे TCS कम होना (ओवरसीज एजुकेशन/मेडिकल पर) मिडिल क्लास फैमिली को कैश फ्लो में मदद दे सकता है।
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Budget 2026 में मिडिल क्लास के लिए अहम अपडेट
- TCS में कटौती
- कुछ वस्तुओं और सेवाओं पर TCS दर में कटौती की गई है।
- इससे खरीद और निवेश करने वाले मिडिल क्लास करदाताओं को लाभ होगा।
- नया डिविडेंड डिडक्शन
- Budget 2026 में डिविडेंड आय पर नए नियम लागू किए गए हैं।
- इससे स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड निवेश पर टैक्स का बोझ कम होगा।
- करदाताओं की आसान कंप्लायंस
- फॉर्म और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को सरल बनाने पर ध्यान दिया गया।
- e-filing और डिजिटल टैक्स पेमेंट में सुधार किया गया।
- मिडिल क्लास पर राहत
- खास तौर पर 5–10 लाख वार्षिक आय वाले करदाताओं के लिए नई राहतें लागू की गई हैं।
नया vs पुराना रिजीम: कौन सा चुनें?
अगर आपकी इनकम 10-15 लाख है और डिडक्शन कम हैं, तो नया रिजीम चुनें – टैक्स बचत ज्यादा होगी। अगर डिडक्शन 3-4 लाख से ज्यादा हैं (80C, होम लोन आदि), तो पुराना रिजीम बेहतर। टैक्स कैलकुलेटर यूज करके दोनों की तुलना जरूर करें।









