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सीएम योगी का बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गृह जनपद गोरखपुर के विकास को लेकर बेहद सक्रिय हैं। हाल ही में गोरखपुर दौरे के दौरान उन्होंने कई निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पुरानी संरचनाओं की जगह मजबूत और आधुनिक पुल बनाए जाएं। शहर में बढ़ते ट्रैफिक और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई पुराने पुलों को तोड़कर नए ब्रिज बनाने की योजना पर काम तेज हो गया है। यह कदम गोरखपुर को जाम मुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

सीएम योगी का बड़ा फैसला: गोरखपुर में पुलों और ब्रिज की मौजूदा स्थिति
गोरखपुर में राप्ती और सरयू नदी पर कई पुराने पुल हैं जो दशकों से सेवा दे रहे हैं। इनमें से कुछ की उम्र 40 साल
से ज्यादा हो चुकी है, जिससे सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है। सीएम योगी ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से कहा
कि पुरानी संरचनाओं का मूल्यांकन करें और जहां जरूरी हो, उन्हें तोड़कर नई तकनीक से ब्रिज बनवाएं।
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राजघाट ब्रिज क्षेत्र: यहां सिक्स लेन ओवरब्रिज के साथ नया पुल बनाने की योजना है। पुरानी संरचना को मजबूत
करने या बदलने पर विचार चल रहा है।
गोरखनाथ ओवरब्रिज: रेलवे क्रॉसिंग पर पुराना ब्रिज लोड बढ़ने से कमजोर हो रहा था। इसके बगल में नया दो लेन
ब्रिज बनाया गया, जिसका उद्घाटन जल्द होगा। पुराने को जरूरत पड़ने पर अपग्रेड या बदलने के निर्देश हैं।
रामगढ़ताल और अन्य क्षेत्र: रामगढ़ताल ब्रिज मार्च 2026 तक तैयार होगा। पुराने पुलों की मरम्मत या नए निर्माण
पर जोर।
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फुलवरिया क्षेत्र का उदाहरण: यहां 40 साल पुराने ब्रिज को तोड़कर नया पुल बनाया गया, जो सुरक्षा और सुगमता
का प्रतीक है।
सीएम योगी के निर्देश और आगे की योजना
सीएम योगी ने गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन, जंगल कौड़िया रिंग रोड और खजांची फ्लाईओवर का निरीक्षण करते
हुए कहा कि गुणवत्ता से समझौता न हो और काम तेजी से पूरा करें। पुराने पुलों की जगह नए बनाने से ट्रैफिक
जाम कम होगा, दुर्घटनाएं घटेंगी और शहर की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। 2026 तक कई ब्रिज और फोरलेन
सड़कें तैयार हो जाएंगी।










