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Matra Shishu Balika Yojana 2026 : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना निर्माण श्रमिक परिवारों की महिलाओं और उनके बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है। यह योजना गर्भावस्था, प्रसव और बालिका के जन्म पर आर्थिक सहायता प्रदान करके माता-शिशु के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने का काम करती है। 2026 में भी यह योजना सक्रिय है और पंजीकृत निर्माण श्रमिकों (लेबर कार्ड धारकों) के परिवारों को विशेष लाभ मिल रहा है।

योजना का मुख्य फोकस गरीब मजदूर परिवारों पर है, जहां बेटी के जन्म पर अतिरिक्त मदद दी जाती है ताकि परिवार बेटी को बोझ न समझे।
Matra Shishu Balika Yojana 2026 : बेटी के जन्म पर 25000 रुपये की आर्थिक सहायता कैसे मिलेगी?
2026 में योजना की लेटेस्ट अपडेट्स 2026 में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा योजना को जारी रखा गया है। पंजीकृत श्रमिकों को मातृत्व लाभ, शिशु लाभ और विशेष रूप से बालिका मदद में कोई बदलाव नहीं आया है। बेटी के जन्म पर 25,000 रुपये की एकमुश्त राशि अभी भी उपलब्ध है, जो पहले दो प्रसवों तक सीमित है। योजना के तहत डिजिटल आवेदन और लाभ वितरण को और आसान बनाया गया है। कई जिलों में जागरूकता अभियान चल रहे हैं ताकि अधिक से अधिक पात्र श्रमिक परिवार जुड़ सकें।
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Matra Shishu Balika Yojana 2026 : कौन ले सकता है लाभ? योग्यता
- आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी हो।
- निर्माण श्रमिक (पुरुष या महिला) उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में कम से कम 1 वर्ष (365 दिन) पंजीकृत हो।
- लाभ प्रथम दो प्रसवों तक सीमित है।
- मातृत्व लाभ के लिए संस्थागत प्रसव (अस्पताल में डिलीवरी) जरूरी है (महिला श्रमिक के मामले में)।
- बालिका मदद योजना का लाभ पहली बालिका या दूसरी संतान भी बालिका होने पर मिलता है। निःसंतान दंपत्ति द्वारा कानूनी रूप से गोद ली गई बालिका को भी लाभ मिल सकता है।
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योजना के मुख्य लाभ
- मातृत्व हितलाभ (प्रसव लाभ): पंजीकृत महिला श्रमिक को संस्थागत प्रसव पर तीन महीने का न्यूनतम वेतन + 1000 रुपये चिकित्सा बोनस। पंजीकृत पुरुष श्रमिक की पत्नी को 6000 रुपये एकमुश्त।
- शिशु हितलाभ: पुत्र के जन्म पर 20,000 रुपये एकमुश्त।
- बालिका मदद: पुत्री के जन्म पर 25,000 रुपये एकमुश्त (पहली या दूसरी बालिका पर)।
- दिव्यांग बालिका के जन्म पर 50,000 रुपये सावधि जमा के रूप में (18 वर्ष तक)। ये राशियां सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होती हैं और बेटी के भविष्य के लिए उपयोगी साबित होती हैं।
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आवश्यक दस्तावेज
- श्रमिक का पंजीकरण प्रमाण पत्र (लेबर कार्ड)
- आधार कार्ड (श्रमिक और लाभार्थी का)
- बैंक खाता पासबुक
- जन्म प्रमाण पत्र (शिशु का)
- प्रसव संबंधी अस्पताल प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
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आवेदन कैसे करें?
- नजदीकी जिला श्रम कार्यालय या CSC सेंटर पर जाएं।
- उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की वेबसाइट upbocw.in पर ऑनलाइन चेक करें या आवेदन फॉर्म भरें।
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें या जमा करें।
- आवेदन सत्यापन के बाद लाभ सीधे DBT से खाते में आता है। आवेदन प्रक्रिया सरल है और ज्यादातर मामलों में स्थानीय बोर्ड कार्यालय से मदद मिल जाती है।
योजना के फायदे
- गर्भवती महिलाओं को पोषण और आराम के लिए आर्थिक सहायता।
- बेटी के जन्म पर अतिरिक्त 5000 रुपये (लड़के से ज्यादा) से परिवार में बेटी का स्वागत बढ़ता है।
- माता-शिशु स्वास्थ्य में सुधार और अस्पताल में प्रसव को प्रोत्साहन।
- मजदूर परिवारों में आर्थिक बोझ कम होता है।
- बेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए फंड उपलब्ध।
By CTS Digital Team…











