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Budget 2026 Insurance Update: भारत का संघीय बजट 2026 फरवरी में पेश होने वाला है, और बीमा क्षेत्र के लिए यह साल महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। पिछले बजटों में बीमा क्षेत्र को मजबूती देने के कई कदम उठाए गए, जैसे FDI सीमा को 100% तक बढ़ाना। अब उद्योग जगत की नजरें टैक्स सुधारों, पेंशन उत्पादों में समानता और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सस्ते बीमा पर टिकी हैं।

आइए जानते हैं कि बजट 2026 बीमा क्षेत्र को कैसे प्रभावित कर सकता है और आम लोगों के लिए क्या नई सुविधाएं आ सकती हैं।
Budget 2026 Insurance Update: बीमा क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और चुनौतियां
भारत में बीमा अभी भी कम है – कुल GDP का सिर्फ 3.7%। खासकर ग्रामीण और कम आय वाले वर्ग में बीमा कवरेज की कमी है। स्वास्थ्य, जीवन और संपत्ति बीमा में लोग अभी भी संकोच करते हैं क्योंकि प्रीमियम महंगा लगता है और टैक्स नियम जटिल हैं। पिछले सालों में सरकार ने FDI बढ़ाकर विदेशी निवेश को प्रोत्साहित किया, जिससे नए उत्पाद और बेहतर सर्विस आए। लेकिन अब जरूरत है टैक्स में राहत और छोटे-छोटे बीमा उत्पादों को बढ़ावा देने की।
बजट 2026 से बीमा क्षेत्र की प्रमुख उम्मीदें
बीमा कंपनियां और विशेषज्ञों के अनुसार, इस बजट में निम्नलिखित बदलाव हो सकते हैं:
टैक्स समानता पेंशन और एन्युटी उत्पादों में:
अभी NPS जैसे पेंशन प्लान में अतिरिक्त छूट और बेहतर टैक्स ट्रीटमेंट
मिलता है, लेकिन जीवन बीमा की एन्युटी पर पूरा अमाउंट (प्रिंसिपल सहित) टैक्स लगता है। उद्योग चाहता है कि केवल
रिटर्न पर टैक्स लगे और बीमा आधारित पेंशन को भी NPS जैसी छूट मिले। इससे रिटायरमेंट प्लानिंग आसान होगी।
माइक्रो इंश्योरेंस को बढ़ावा:
ग्रामीण और कम आय वाले लोगों के लिए छोटे प्रीमियम वाले बीमा उत्पादों पर स्टैंप ड्यूटी
में छूट या कम ट्रांजेक्शन कॉस्ट की मांग है। इससे स्वास्थ्य, दुर्घटना और संपत्ति बीमा सस्ता हो जाएगा और कवरेज बढ़ेगा।
हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस में राहत:
स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर ज्यादा डिडक्शन या GST में कमी की उम्मीद। साथ ही,
हाई वैल्यू पॉलिसी पर टैक्स नियमों को ULIP जैसा बनाने की मांग, ताकि बचत और सुरक्षा दोनों का फायदा मिले।
महिलाओं और जन धन खातों के लिए विशेष फोकस:
जन धन योजना से जुड़े खातों में महिलाओं को आसान क्रेडिट
और बीमा सुविधा देने पर जोर। जन सुरक्षा योजनाओं को विस्तार देकर कवरेज बढ़ाना।
डिजिटल और AI का उपयोग:
टेलीमैटिक्स और AI से अंडरराइटिंग बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहन, जिससे मोटर और
हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट हो जाएगा।
ये बदलाव अगर लागू होते हैं, तो बीमा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, प्रीमियम कम होगा और ज्यादा लोग सुरक्षित महसूस करेंगे।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
कुल मिलाकर, घरेलू बचत बढ़ेगी और आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी।
रिटायरमेंट के लिए बेहतर प्लानिंग: एन्युटी पर कम टैक्स से बुजुर्गों को स्थिर आय मिलेगी।
सस्ता स्वास्थ्य बीमा: माइक्रो उत्पादों से गांवों में भी कवरेज बढ़ेगा।
महिलाओं को मजबूती: जन धन से जुड़ी सुविधाओं से वित्तीय स्वतंत्रता आएगी।









