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गोरखपुर पिपराइच फोरलेन:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गृह जनपद गोरखपुर के विकास को लेकर बेहद गंभीर हैं। हाल ही में गोरखपुर दौरे के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि काम में तेजी लाएं तथा तय समयसीमा में प्रोजेक्ट पूरा करें।

यह फोरलेन पूर्वांचल की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
गोरखपुर पिपराइच फोरलेन: प्रोजेक्ट की मुख्य जानकारी
#गोरखपुर से पिपराइच तक बन रही यह फोरलेन सड़क करीब 19.5 किलोमीटर लंबी है और इसकी अनुमानित लागत 942 करोड़ रुपये है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की निर्माण खंड-3 इसकी जिम्मेदारी संभाल रही है। काम फरवरी 2025 में शुरू हुआ था और मूल लक्ष्य अगस्त 2026 तक पूरा करने का है।
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सीएम योगी ने निरीक्षण के दौरान प्रोजेक्ट का लेआउट, ड्राइंग मैप देखा और कार्य प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। साथ ही सड़क पर पानी की लेवलिंग ठीक करें ताकि जलजमाव की समस्या न हो।
सीएम के अन्य निर्देश
- निर्माण में तेजी लाने के लिए मैनपावर और मशीनरी बढ़ाएं।
- जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड को सितंबर 2026 तक पूरा करें।
- खजांची चौराहा फ्लाईओवर की प्रगति पर भी नजर रखें।
- आसपास के गांवों में ड्रेनेज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।

यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर गोरखपुर से कुशीनगर, महराजगंज और पड़रौना की दूरी कम होगी तथा यात्रा समय काफी घटेगा।
शहर के बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए यह सड़क पूर्वांचल के लोगों के लिए बड़ा तोहफा साबित होगी।
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निष्कर्ष
सीएम योगी आदित्यनाथ का यह सख्त रुख गोरखपुर के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देने वाला है। गोरखपुर-पिपराइच
फोरलेन तय समय में पूरा होने से न सिर्फ आवागमन सुगम होगा बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी बल मिलेगा।
योगी सरकार की निरंतर मॉनिटरिंग से पूर्वांचल तेजी से आधुनिक हो रहा है और आने वाले समय में गोरखपुर एक
जाम-मुक्त और विकसित शहर बनेगा।










