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Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने एनडीए (NDA) पर तीखा हमला किया है। उन्होंने मौजूदा हालात की तुलना 1990 के दशक के लालू राज से की है, जब बिहार में प्रशासनिक भ्रष्टाचार और अव्यवस्था चरम पर थी। प्रशांत किशोर का कहना है कि बिहार में इस समय भी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की स्थिति बेहद खराब है, और प्रशासन में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एनडीए सरकार के घोषणापत्र का कोई अर्थ नहीं है, अब बिहार को रिपोर्ट कार्ड की जरूरत है, न कि वादों की।

प्रशांत किशोर ने जनता से अपील की है कि सिर्फ जातिवाद, वादों या डर की राजनीति को तजकर वास्तविक और विकासोन्मुख बदलाव के लिए वोट करें। उन्होंने नीतीश कुमार और लालू यादव दोनों ही राजनीतिक व्यवस्थाओं को बिहार की पिछड़ेपन की जड़ बताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर लोग फिर से वही पुराने दलों को वोट देते हैं, तो बिहार फिर से उन्हीं समस्याओं में उलझा रह जाएगा, जिससे पिछली पीढ़ियां गुजर चुकी हैं।
Bihar Election 2025: मुख्य बयान और मुद्दे
- प्रशांत किशोर ने कहा, “मौजूदा हालात कुछ-कुछ लालू के राज जैसे हैं, प्रशासनिक भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पलायन जारी है।”
- उनका कहना है—NDA और अन्य दलों के घोषणा पत्र में केवल वादे दोहराए जाते हैं, जबकि स्थितियां नहीं बदलतीं।
- बिहार की जनता से बदलाव के लिए ईमानदार और सक्षम उम्मीदवार चुनने की गुजारिश की।
- शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को असली एजेंडा मानकर वोट करने की सलाह दी।
- जन सुराज पार्टी ने भरोसा दिलाया कि जनता अगर उन्हें मौका देती है तो प्रशासनिक सुधार, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई और रोज़गार के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
बिहार चुनाव 2025 की पृष्ठभूमि
- राज्य में चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवम्बर को हैं। परिणाम 14 नवम्बर को आएंगे।
- जनता दल यूनाइटेड (JDU), भारतीय जनता पार्टी (BJP) समेत एनडीए का सीधा मुकाबला राजद और जन सुराज जैसे नए दलों से है।
- प्रशांत किशोर की रणनीति युवाओं, प्रवासी मजदूरों और बदलाव चाहने वाले मतदाताओं को केंद्रित कर रही है।
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निष्कर्ष
प्रशांत किशोर ने अपने बयानों से एक बार फिर बिहार के चुनावी माहौल को गर्मा दिया है। उनके मुताबिक, सिर्फ शासन बदलने से कुछ नहीं होगा, बिहार के लिए नीति, नजरिया और प्रक्रिया में बड़े सुधार जरूरी हैं। जनता अगर जिम्मेदारी से वोट देती है, तो बिहार में वास्तविक, सकारात्मक बदलाव संभव है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: प्रशांत किशोर ने NDA पर क्या हमला बोला?
उत्तर: उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में हालात एक बार फिर लालू राज जैसे बनते जा रहे हैं—जहां भ्रष्टाचार और
प्रशासनिक बदहाली चरम पर है।
प्रश्न 2: प्रशांत किशोर की बिहार चुनाव को लेकर क्या मुख्य रणनीति है?
उत्तर: वह चाहते हैं कि जनता जातिवाद और डर की राजनीति से ऊपर उठकर विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य व ईमानदार
उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे।
प्रश्न 3: प्रशांत किशोर ने किसे राज्य की समस्याओं की जड़ बताया?
उत्तर: नीतीश कुमार और लालू यादव के नेतृत्व को उन्होंने राज्य की सामाजिक–आर्थिक समस्याओं की मूल वजह
बताया।
प्रश्न 4: क्या प्रशांत किशोर चुनाव पूर्व या बाद में किसी गठबंधन की बात कर रहे हैं?
उत्तर: उन्होंने चुनाव से पहले या बाद में किसी भी राजनीतिक दल से गठबंधन साफ इनकार किया है।
प्रश्न 5: बिहार चुनाव 2025 की तारीखें क्या हैं?
उत्तर: पहला चरण 6 नवम्बर, दूसरा 11 नवम्बर और मतगणना 14 नवम्बर को होगी।











