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Mehndi Designs : भारत में सदियों से मेहँदी लगाना एक सांस्कृतिक परंपरा रही है, जो आज भी उतनी ही लोकप्रिय है जितनी पहले थी।

चाहे शादी हो, तीज-त्योहार या कोई और खास अवसर, महिलाओं के श्रृंगार में मेहँदी की अहम भूमिका होती है।
इसके रंग और खुशबू न केवल सुंदरता में चार चाँद लगाते हैं, बल्कि इसकी ठंडक भी शरीर और मन को सुकून देती है।
मेहँदी की उत्पत्ति और महत्व
मेहँदी को संस्कृत में “मेन्धिका” कहा जाता है। यह एक पौधा होता है जिसकी पत्तियों को पीसकर पेस्ट बनाया जाता है और फिर हाथों-पैरों पर लगाया जाता है।
प्राचीन काल में इसे शुभता और सौभाग्य का प्रतीक माना गया। खासतौर पर विवाह में दुल्हन के हाथों पर मेहँदी लगाने की रस्म को विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसी मान्यता है कि जितना गहरा रंग चढ़ता है, उतना ही पति का प्रेम गहरा होता है।
Mehndi Designs के प्रकार
भारतीय मेहँदी डिज़ाइन: यह सबसे विस्तृत और जटिल डिज़ाइन होती है। इसमें फूल, पत्तियाँ, मोर, दुल्हा-दुल्हन, गणेश जी आदि की आकृतियाँ बनाई जाती हैं।
ये डिज़ाइन आमतौर पर हथेलियों से लेकर कोहनी तक फैली होती हैं।

अरबी मेहँदी डिज़ाइन: यह डिज़ाइन हल्की और खाली जगहों के साथ बनती है, जिससे यह देखने में साफ और स्टाइलिश लगती है। इसमें बेल-बूटों और फूलों का ज्यादा प्रयोग होता है।

पाकिस्तानी मेहँदी डिज़ाइन: यह भारतीय और अरबी डिज़ाइन का मिश्रण होती है।
इसमें बारीक डिटेलिंग के साथ-साथ खाली जगह भी छोड़ी जाती है, जिससे यह बैलेंस्ड दिखती है।

वेस्टर्न या मॉडर्न मेहँदी डिज़ाइन: यह अधिकतर युवाओं में लोकप्रिय है।
इसमें सिंपल जियोमेट्रिक पैटर्न, मिड-फिंगर डिज़ाइन, रिंग स्टाइल, या केवल कलाई तक सीमित डिज़ाइन बनाए जाते हैं।

आज की ट्रेंडिंग मेहँदी डिज़ाइन्स
आजकल “फिंगर टिप मेहँदी”, “टिक्की डिज़ाइन”, “ब्राइडल बूटिक स्टाइल”, और “ग्लिटर मेहँदी” खूब पसंद की जाती हैं।
कुछ लोग मेहँदी में काजल या कलर मिलाकर उसे और आकर्षक बनाते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स
जैसे Instagram और Pinterest पर हर दिन नए-नए डिज़ाइनों की भरमार रहती है, जो लोगों को ट्राय
करने के लिए प्रेरित करती है।
मेहँदी लगाने के टिप्स
- मेहँदी लगाने से पहले हाथ अच्छी तरह से धो लें और उन पर कोई क्रीम या लोशन न लगाएं।
- मेहँदी सूखने के बाद नींबू-चीनी का घोल लगाएं, ताकि रंग गहरा हो।
- मेहँदी को कम से कम 5-6 घंटे तक हाथों पर लगा रहने दें, रातभर रखना ज्यादा अच्छा रहता है।
- मेहँदी सूखने के बाद उसे पानी से धोने की बजाय रगड़कर निकालें।
निष्कर्ष
मेहँदी डिज़ाइन केवल एक सौंदर्य प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर और भावनाओं का प्रतीक है।
हर डिज़ाइन के पीछे एक कहानी होती है, एक भावना होती है, जो इसे खास बनाती है।
बदलते फैशन के साथ इसके डिज़ाइनों में भी विविधता आई है, लेकिन इसकी आत्मा आज भी उतनी ही गहरी और सुंदर है।



















